| बाब / अध्याय | अध्याय १० | | अध्याय १२ | | :--- | :--- | :--- | :--- | | प्रमुखथीम | शिवपूजेचे १६ उपचार | भक्त हाच शिव (अद्वैत भक्ती) | चंद्रहाराची स्तुती | | वर्णनशैली | विधीप्रधान, कर्मकांड | उपदेशात्मक, भावप्रधान | स्तोत्रात्मक | | गुप्त संदेश | बाह्य पूजेची योग्यता | अंतर्बाह्य शुद्धीची आवश्यकता | सौंदर्य आणि शक्ती |
भगवान शिव यांची भक्ती आणि 'मृत्युंजय' मंत्राचे सामर्थ्य. shivlilamrut adhyay 11 in marathi pdf
अध्यायाचे महत्त्व आणि कथासार कर्मकांड | उपदेशात्मक